जीवन कल्प

 

जीवन कल्प

जीवन एक बहती धारा,
पल-पल बदलता ये नजारा।
हर सांस है एक नई शुरुआत,
हर धड़कन एक मधुर आवाज़।

मन की स्थिति का है परिवर्तन,
कभी सुख, कभी दुःख का दर्शन।
ये मन, बुद्धि, चित्त का खेल,
कभी हार, कभी जीत का मेल।

मोह माया का ये संसार,
चलता रहता है लगातार।
कर्मों का फल सबको मिलता,
अच्छा या बुरा, जैसा जो करता।

ज्ञान की ज्योति जलाते रहो,
अज्ञान के तम को हरते रहो।
ध्यान से मन को शांत करो,
जीवन को सार्थक करते चलो।

ये मनः स्थिति बदलेगी हर पल,
पर आत्मा रहेगी अटल।
समझो इस जीवन का मर्म,
यही है कल्प, यही है कर्म।

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