लघु बाल कविता: सबर करो

 लघु बाल कविता: सबर करो

(नोट: हाथों के इशारों के साथ गवाएं)



कविता

धीमे बोलो, मीठा  बोलो 

कानों में रे तुम रस घोलो l

थोडे में रे गुजर करो 

सबर करो, सबर करो ll

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